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11 September, 2017
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बुलंद इरादे    

सकारात्मक सत्ता की ओर कार्यशाला

जेंडर / सत्ता / यौनिकता / संवैधानिक हक / शांतिपूर्ण प्रतिरोध

सितम्बर 11 – 15, 2017

संभावना संसथान पालमपुर, हिमाचल प्रदेश

हम आपको इस आत्म चिंतन और खोज के सफ़र में आमंत्रित करते हैं !

उद्देश्य :

  • सत्ता, जेंडर, पितृसत्ता व यौनिकता पर वैचारिक समझ बनाना |
  • इन अवधारणाओं को संवैधानिक अधिकारों के ढाँचे में जांचना |
  • व्यक्तिगत चिंतन से सहयोगपूर्ण सीखने की और बढ़ना व चिंता के मुद्दों पर अभियान तैयार करना |
  • दमनकारी ढाँचो का सामना करने व शान्तिपूर्ण प्रतिरोध से सामाजिक बदलाव लाने  के रचनात्मक तरीकों पर कार्य करना |

 इस कार्यशाला के मुख्य मुद्दे :

  • जेंडर या सामाजिक लिंग क्या है और इसका पितृसत्ता से क्या रिश्ता है ? यौनिकता क्या है? सत्ता क्या है? क्या सत्ता हर वक़्त नकारात्मक ही होती है ? क्या इसके सकारात्मक पहलु भी हैं ?
  • यह अवधारणाएं हमारी दुनिया से कैसे जुडती हैं |
  • जेंडर आधारित हिंसा क्या है ? हिंसा में निजी सहापराध ( इस हिंसा में खुद की भूमिका ) की पहचान करना और इसे कम करने के लिए कैसे हम सकारात्मक किरदार निभा सकते हैं | सहमति या रजामंदी की धारणा को समझना |
  • संविधान में दिए गए मूल अधिकार |
  • क्या हम दमन को चुनौती देने के सशक्त व् सहयोगपूर्ण ढांचों की नयी कल्पना कर सकते हैं ?
  • एक – दुसरे के साथ शांतिपूर्ण प्रतिरोध के ऐसे तरीकों को साँझा करना जहाँ हम अपनी असहमति भी जताएंगे और सकारात्मक उर्जा और समर्थन को भी बढ़ाएंगे |
  • एहम मुद्दों के अभियानों पर सामूहिक कार्य करना |

प्रणाली :

सहजकर्ता निम्न तरीके इस्तेमाल करेंगे जैसे: खेल, अभ्यास, व्यक्तिगत विचार, छोटे समूह कार्य, गाने  (जो थोडा बेसुरे हो सकते है पर मज़ेदार ज़रूर होंगे ), सम्वादमुलक चर्चा, फिल्म, कला, हंसी – मज़ाक,  रोल प्ले व अपने आप को व्यक्त करने की अन्य पद्धतियाँ ! हम मानते हैं की इन पद्तियाँ से दुनिया में रहना और भी मज़ेदार हो जाता है |

कौन भाग ले सकता  है ?

सभी के लिए आवेदन खुला है जो भी जिज्ञासु प्रविती के हैं | यह कार्यशाला  उन सभी जेंडर के लोगो के  लिए है जो भी 18 वर्ष से ज्यादा के हैं, और जिन्हें सीखने की इच्छा है | हम प्राथमिकता उन लोगो को देंगे जो किसी संस्था या आन्दोलन से जुड़े हुए हैं |

सहजकर्ता :

दिव्या और नंदिनी राव भारत के महिला आन्दोलन का हिस्सा हैं | वह नारीवादी कार्यकर्ता और जेंडर ट्रेनर हैं जो पिछले बीस सालों से महिला अधिकारों के मुद्दों पर काम कर रहीं हैं |

दिव्या अलग अलग मुद्दों पे प्रशिक्षण करती हैं जैसे जेंडर, महिला अधिकार, योनिकता, वेनलीडो या नारीवादी आत्मरक्षा और आपसी द्वन्द का समाधान | लोगों के एकजुट होकर सामाजिक बदलाव के लिए काम करने से उनको ताक़त मिलती है | प्रकर्ति के पास रहने से उनको ख़ुशी मिलती है | नंदिनी भी अन्य मुद्दों पर प्रशिक्षण करती हैं जैसे महिला अधिकार, जेंडर व विकलांगता, महिला सम्बंधित क़ानून इत्यादि | उनका काम ही उनका जूनून है | वह ज्यादा सीखती हैं ग्रामीण इलाकों के समुदायों से और विकलांगता आन्दोलन के साथिओं से | उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है औरतों की कहानियां व गानों को सुनना | मुश्किल वक़्त में भी नंदिनी को यह प्रेरित करती हैं |

कार्यक्रम का शुल्क रहने, खाने व् कार्यशाला का पांच दिन का शुल्क 4000 रूपए होगा | संभावना टीम और प्रशिक्षक मानते हैं की पैसा सीखने और स्वयं की खोज में बाधक नहीं होना चाहिए इसलिए हम आवश्यकता के आधार पर कार्यक्रम के शुल्क हेतु आर्थिक मदद दे सकेंगे |

 भाषा : यह कार्यक्रम हिंदी में होगा |

आवेदन करने के लिए नीचे दिया फॉर्म भरे –


अन्य जानकारी अथवा पूछताछ के लिए :

फोन : शशांक +91-889 422 7954, ई मेल : programs@sambhaavnaa.org

BULAND IRAADE:

A SELF-REFLECTIVE WORKSHOP ON POSITIVE POWER

Gender | Power | Sexuality | Constitutional Rights | Peaceful Resistance

September 11-15, 2017

Sambhaavnaa Campus, Palampur, HP

Join us on a powerful journey of reflection & self-discovery

Objectives

  • Build conceptual understanding of power, gender, patriarchy & sexuality.
  • Examine these concepts in the context of our Constitutional rights.
  • Move from individual reflection to collaborative learning by designing campaigns on issues of concern.
  • Discuss creative ways to challenge oppressive structures and bring about social transformation through peaceful resistance.  

Main themes of this workshop

  • Examine links between gender and patriarchy. What is sexuality? What is power? Is it always negative or can it be used positively?
  • How do all these concepts relate to the world around us?
  • What is gender-based violence? Recognise our own complicity in violence and what positive roles we can play to lessen it.
  • Understanding the notion of consent.
  • Fundamental rights under the Indian Constitution.
  • Reimagining powerful collaborative systems to counter oppression.
  • Sharing creative forms of peaceful resistance that voice dissent and yet, convey positive energy and solidarity.
  • Working collectively on campaigns on issues of concern.

Methodology

The facilitators will use participatory tools like games, exercises, individual reflection, group work, joyous (but not always melodious!) singing, interactive discussions, films, role plays, humour, art and other creative modes of self-expression. They believe that these methods help make the world a better place to live in 

Facilitators

Dhiviya and Nandini Rao are a part of the women’s movements in India. They are feminist activists and gender trainers who have been working on issues of women’s rights for more than two decades.

 Dhiviya trains on gender, women’s rights, sexuality, Wenlido (feminist self-defence) and interpersonal conflict resolution. She draws strength from power of people coming together to share their lives for social change. She thrives close to nature and is inspired by people she meets through her work. Nandini is a trainer on women’s rights, gender and disability and laws. She is passionate about what she does, especially learning from the disability rights movement, as well as her work in rural areas. She enjoys being with women, listening to their stories and songs of courage and resilience. This inspires her in difficult times.   

Participants

Open to anyone who has a curious mind and wants to know more. We welcome people of all genders above 18 years of age. We particularly encourage people working in organisations and/or movements to apply.

Programme fees:  Rs. 4000 for 5 days, inclusive of boarding, lodging and workshop materials.  Sambhaavnaa and the trainers believe that economics should never be a barrier to learning and self-discovery. Therefore, we offer a few scholarships to interested candidates with limited means.

Language: Hindi

How to apply: 

How to reach: Please visit: http://www.sambhaavnaa.org/contact-us/

For any Query or any other info:

Phone: Shashank +91-889 422 7954, Email: programs@sambhaavnaa.org

Logistics :  Sambhaavnaa Institute at VPO Kandbari, tehsil Palampur, District Kangra, PIN 176061

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