Home > Programs > Buland Iraade, 19 to 23 November, 2018
19 November, 2018
10:00 AM
Join us

Join us:


बुलंद इरादे:

खोज और आत्म-चिंतन का सफ़र

जेंडर \ सत्त्ता \ यौनिकता \ संवैधानिक हक़ \ महिला आन्दोलन |

 

कार्यशाला के मकसद:

  • अन्य अवधारणों को समझना, जैसे सत्ता, जेंडर, पित्रसत्ता व यौनिकता |

  • इनको अपने संवैधानिक हकों के संदर्भ में परखना |

  • महिला आंदोलनों की यात्रा को सांझा करना और अन्य न्याय के आन्दोलनों के साथ जोड़कर देखना |

मुख्य मुद्दे:

  • जेंडर और पित्रसत्ता क्या सम्बन्ध हैं ? यौनिकता क्या हैं ? सत्ता क्या हैं ? क्या यह सिर्फ नकारात्मक ही हैं या सकारात्मक भी हो सकती हैं ?

  • रजामंदी की धारणा को समझना |

  • भारत के संविधान के मूलभूत अधिकार |

  • अमनपुर्वक प्रतिरोध करने व सामाजिक बदलाव लाने के रचनात्मक तरीको पर चर्चा करना |

यह कार्यशाला हिंदी भाषा में होगी |

प्रणाली

सहजकर्ता निम्न तरीके इस्तेमाल करेंगे जैसे: खेल, अभ्यास, व्यक्तिगत विचार, छोटे समूह कार्य, गाने  (जो थोडा बेसुरे हो सकते है पर मज़ेदार ज़रूर होंगे ), सम्वादमुलक चर्चा, फिल्म, कला, हंसी – मज़ाक, रोल प्ले व अपने आप को व्यक्त करने की अन्य पद्धतियाँ ! हम मानते हैं की इन पद्धितियों  से दुनिया में रहना और भी मज़ेदार हो जाता है

सहजकर्ता

दिव्या और नंदिनी राव भारत के महिला आन्दोलन का हिस्सा हैं | वह नारीवादी कार्यकर्ता और जेंडर ट्रेनर हैं जो पिछले बीस सालों से महिला अधिकारों के मुद्दों पर काम कर रहीं हैं |

दिव्या अलग अलग मुद्दों पे प्रशिक्षण करती हैं जैसे जेंडर, महिला अधिकार, यौनिकता, वेनलीडो या नारीवादी आत्मरक्षा और आपसी द्वन्द का समाधान | लोगों के एकजुट होकर सामाजिक बदलाव के लिए काम करने से उनको ताक़त मिलती है | प्रकृति के पास रहने से उनको ख़ुशी मिलती है | नंदिनी भी अन्य मुद्दों पर प्रशिक्षण करती हैं जैसे महिला अधिकार, जेंडर व विकलांगता, महिला सम्बंधित क़ानून इत्यादि | उनका काम ही उनका जुनून है | वह ज्यादा सीखती  हैं ग्रामीण इलाकों के समुदायों से और विकलांगता आन्दोलन के साथिओं से | उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है औरतों की कहानियां व गानों को सुनना | मुश्किल वक़्त में भी नंदिनी को यह प्रेरित करती हैं |

सहभागी

सभी के लिए आवेदन खुला है जो भी जिज्ञासु प्रवृति के हैं | यह कार्यशाला  उन सभी जेंडर के लोगो के लिए है जो भी 18 वर्ष से ज्यादा के हैं, और जिन्हें सीखने की इच्छा है | हम प्राथमिकता उन लोगो को देंगे जो किसी संस्था या आन्दोलन से जुड़े हुए हैं |

कार्यक्रम का शुल्क रहने, खाने व कार्यशाला का पांच दिन का शुल्क 4200 रूपए होगा | संभावना टीम और प्रशिक्षक मानते हैं की पैसा सीखने और स्वयं की खोज में बाधक नहीं होना चाहिए सीमित साधनों वाले इच्छुक उम्मीदवारों को कुछ छूट और छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा सकती हैं  इसलिए हम आवश्यकता के आधार पर कार्यक्रम के शुल्क हेतु आर्थिक मदद दे सकेंगे | हम उन लोगों को भी प्रोत्साहन देते हैं जो दूसरे प्रतिभागिओं के योगदान राशि अदा करने में भी सहयोग देते हैं !

तारीख –  19 से 23 नवंबर, 2018

स्थान – संभावना संस्थान, पालमपुर, हिमाचल प्रदेश

संभावना पहुँचने के लिए मार्गदर्शन- http://www.sambhaavnaa.org/contact-us/

अन्य जानकारी अथवा पूछताछ के लिए- व्हाट्सप्प/कॉल – शशांक +91-889 422 7954, ईमेल  programs@sambhaavnaa.org

आवेदन फार्म भरने लिए नीचे जाएँ-

Workshop Objectives

  • Understand concepts including power, gender, patriarchy & sexuality.
  • Examine these concepts in the context of our Constitutional rights.
  • Share the journey of women’s movements and its links to other social justice movements

Core Themes

  • Examine links between gender and patriarchy. What is sexuality? What is power? Is it always negative or can it be used positively?
  • Understanding the notion of consent.
  • Rights under the Indian Constitution.
  • Create collaborative initiatives of peaceful resistance.
  • Use creative ways for social transformation.

This workshop will be held in Hindi.

Methodology

The facilitators will use participatory tools like games, exercises, individual reflection, group work, joyous (but not always melodious!) singing, interactive discussions, films, role plays, humour, art and other creative modes of self-expression. We believe that these methods help make the world a better place to live in

Facilitators

Dhiviya and Nandini Rao are a part of the women’s movements in India. They are feminist activists and gender trainers who have been working on issues of women’s rights for more than two decades.

Dhiviya trains on gender, women’s rights, sexuality, Wenlido (feminist self-defence) and interpersonal conflict resolution. She draws strength from power of people coming together to share their lives for social change. She thrives close to nature and is inspired by people she meets through her work. Nandini is a trainer on a range of issues such as women’s rights, gender and disability and laws. She is part of a feminist collective that sings songs of resistance. She enjoys chatting with women, listening to their stories and songs of courage and resilience. This inspires her in difficult times.   

Participants

Open to anyone who has a curious mind and wants to know more. We welcome people of all genders 18 years and above. We particularly encourage people working in groups, organisations and movements to apply.

Programme fees

Contribution for the workshop would include boarding and lodging. This would be a total of Rs. 4200 for 5 days. However, we believe that money should never be a barrier to learning and self-discovery and also offer a few waivers and scholarships to interested candidates with limited means. We would also encourage people to send contributions to cover costs for other candidates.

How to reach: Please visit: http://www.sambhaavnaa.org/contact-us/

For any other info

Whatsapp or Call, Shashank: +91-889 422 7954, Email: programs@sambhaavnaa.org

Venue: Sambhaavnaa Institute at VPO Kandbari, Tehsil Palampur, District Kangra, PIN 176061

Please fill the application form here-