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10 May, 2017
10.00 am
Sambhaavnaa Institute, Sambhaavnaa Institute Join us

Join us:


SAMBHAAVNAA INSTITUTE,

invites you to 

a Workshop on Jeevan Vidya

Facilitated by Vinish Gupta 

from May 10 – 17, 2017 

 at Sambhaavnaa campus, Palampur, Himachal Pradesh

About the workshop:

A Jeevan Vidya workshop is an intensive 40-hour learning experience that seeks to bring one’s attention to neglected and subtle facets of life; issues related to interpersonal relations, education, society, environment, aspirations, success are discussed and participants are provided critical tools to help them explore the rich web of connections between seemingly disparate aspects of life. It is a process of guided introspection, of ‘doing philosophy’ rather than studying it. There is no sermonizing; the facilitator presents sets of proposals, and helps participants bring their attention to bear on the inner workings of their thoughts, fears and aspirations. Gradually one begins to interrogate hidden assumptions and get a sharper, clearer view of the whole intricate fabric of life; one begins to see new possibilities for positive human action. The idea is to trigger an empowering, self-critical inner dialogue that begins with the workshop, but doesn’t end with it…

This is a residential workshop organised by Sambhaavnaa Institute, hosted at the campus of Sambhaavnaa Institute in Palampur, Himachal Pradesh. We only have room for 30 people, so please register as soon as possible. It is important that you attend the whole workshop from start to finish as each day builds on the previous one. Participants will also have an opportunity to participate in cooking, farming and other activities on the campus. There will also be some nature hikes.

The facilitator:

This workshop will be facilitated by Vinish Gupta, who heads the Centre for Holistic Learning. He has been involved with various social and environmental movements in the past. In his youth he spent over a decade as a Buddhist monk, exploring traditional Indian systems of thought and living. His current interests include value education, and design of environmentally sound systems and technologies.

What to bring?

Bring warm clothes, umbrella, water bottle, torch, towel, hat, toiletries, any interesting materials from your organization to share and anything creative that you like to do to share with others.

This event is run on gift culture. The facilitator receives no payment for facilitation. Participants are invited to contribute what they can (towards the cost of organizing the workshop which is approximately Rs.5100 per person for food and stay); learning scholarships are available to those who need them. And if you can, your additional contribution will help to support other peoples’ participation.  No one is refused due to money constraints.

यह कार्यशाला हिंदी में होगी . (This workshop will be conducted in Hindi).

Please fill in the online application form  to apply for participation.
Or get in touch with us at <programs@sambhaavnaa.org> or call +91-88942-27954.

Here is how to reach Sambhaavnaa. It is ideal for participants to arrive by the evening of 9th May itself; they may leave after lunch of 17th May 2017. If you intend to travel by train, please note that train bookings now open 4 months in advance, and trains fill up fast in the summer, so we advise you not to delay making the necessary bookings!

Best wishes,

Sambhaavnaa Programs Team

संभावना संस्थान

द्वारा आयोजित

पालमपुर, हिमाचल प्रदेश

में

जीवन विद्या शिविर

10 -17 मई  2017

शिविर के बारे में:

जीवन विद्या शिविर (करीब 40 घंटे की अवधि की) एक गहरे अध्ययन की प्रक्रिया है, जिसमे जीवन के मौलिक परन्तु प्रायः उपेक्षित पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। आपसी सम्बन्ध, शिक्षा, समाज, प्रकृति, लक्ष्य, सफलता आदि पर एक गहरा संवाद होता है जिसके द्वारा प्रतिभागियों को ज़िन्दगी के भिन्न प्रतीत होने वाले पहलुओं के बीच की कड़ियाँ पहचानने व समझने का अवसर मिलता है। कोई प्रवचन या उपदेश नही होता। प्रबोधक द्वारा कुछ प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाते हैं, और प्रतिभागियों को उनके आतंरिक विचारों, भयों, सम्भ्राँतियों, आकांक्षाओं आदि को जांचने में सहयोग किया जाता है।  क्रमशः ढेर सारी छिपी मान्यताएं उजागर होने लगती हैं और व्यक्ति को ज़िन्दगी के सूक्ष्म ताने बाने का एक नयी स्पष्टता से दर्शन होने लगता है; मानव में सकारात्मक सृजनशक्ति की नयी संभावनाओं का बोध होने लगता है।  एक सशक्त चिंतन-यात्रा का शिविर में प्रारम्भ तो होता है पर अंत नही …

यह 8-दिवसीय पूर्णकालिक आवासीय शिविर है। पालमपुर, हिमाचल प्रदेश में आयोजित इस शिविर में कुल 30 प्रतिभागियों के लिए स्थान हैं, इस लिए पूर्व पंजीकरण करें।

शिविर में पूर्णकालिक प्रतिभागिता अनिवार्य है, आंशिक प्रतिभागिता की अनुमति नही है।

शिविर के दौरान स्वैच्छिक श्रमदान करने का व व्यक्तिगत हुनरों के आदान-प्रदान का भी अवसर रहेगा।

प्रबोधक:

इस शिविर में प्रबोधन श्री विनीश गुप्ता करेंगे। वे लम्बे समय से विभिन्न सामाजिक व पर्यावरणीय अभियानों से जुड़े रहे हैं। करीब दस वर्ष तक वे बौद्ध परंपरा में भिक्षु भी रहे, जिस दौरान उन्हें भारतीय विचारधाराओं व तौर तरीकों को समझने का अवसर मिला।

साथ लाएं:

निजी गरम वस्त्र, छतरी, पानी की बोतल, टॉर्च, तौलिया, साबुन आदि निजी उपयोग का सामान, आपके संस्था / कार्य से सम्बंधित सामग्री, व कुछ भी रचनात्मक जो आप को दूसरों के साथ करना / बांटना अच्छा लगता है।

यह शिविर ‘उपहार संस्कृति’ पर आधारित है। यानि इस शिविर के लिए कोई निश्चित अनिवार्य शुल्क नही है।  हर प्रतिभागी पर करीब रुपए 5100 का खर्च आता है।  जिन्हे आवश्यकता हो उनके लिए छात्रवृत्तियां/सहयोग उपलब्ध हैं।  आप अधिक योगदान का सामर्थ्य रखते हों तो आपके योगदान से अन्य लोगों की प्रतिभागिता सुनिश्चित होने में सहयोग रहेगा।

आर्थिक असमर्थता के कारण किसी की प्रतिभागिता बाधित नही होने दी जाएगी।

इस शिविर में भाग लेने के लिए यह ऑनलाइन फॉर्म भरें।

संभावना संस्थान, पालमपुर, पहुँचने के बारे में जानकारी यहाँ है। उत्तम होगा यदि प्रतिभागी 9 मई की शाम तक ही पहुँच पाएं। वे 17 मई को दोपहर के भोजन उपरांत वापस लौट सकते हैं।  यदि आप रेल से यात्रा करने वाले हैं तो ध्यान रहे कि टिकटें यात्रा तिथि के 4 महीने पूर्व मिलनी शुरू हो जाती हैं, इस लिए अपनी यात्रा की टिकटें बुक करवाने में विलम्ब न करें !

आप हमें मेल कर सकते है <programs@sambhaavnaa.org> या फ़ोन कर सकती है  +91-88942-27954.

शुभ कामनाएं

संभावना कार्यक्रम समिति